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शनिवार, 14 सितंबर 2013

होलीक्रॉस संस्था ने मनाई संतों की पुण्य तिथि

रंगमंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम
दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों 
 की हुई रंगारंग शुरुआत
  पत्थलगांव/
      होलीक्रास संस्था की संस्थापिका मदर मरिया तेरेसा की 125 वीं तथा सिस्टर उलरिका निश की 100 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को स्कूल के विद्यार्थियों ने दो दिवसीय रंगा रंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूवात की।
     होलीक्रास प्राथमिक स्कूल, होलीक्रास माध्यमिक स्कूल के अलावा बुनियादी प्रषिक्षण संस्था के छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूवात से पहले दोनो पुण्य आत्माओं के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हे नमन किया गया।होलीक्रॅास बुनियादी प्रषिक्षण संस्था में इस दौरान काफी आकर्षक साज सज्जा और रोशनी की गई थी।शनिवार को प्रातः 6 बजे यहंा कैथोलिक आश्रम के चर्च में होलीक्रास परिवार के लिए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इसमें काफी बड़ी संख्या में मसीहीजन उपस्थित थे। 
होलीक्रास संस्था में कार्यरत स्टाफ एवं दर्शक
   होलीक्रास बुनियादी प्रषिक्षण संस्था का रंग मंच पर 11 बजे से ही दर्शकों की भीड़ जुटने लगी थी। बाद में जैसे ही सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा हुई तो सभी दर्शक स्कूली कलाकारों को देखते रह गए। यहां पर विद्यार्थियों व्दारा प्रस्तुत किए गए एक से बढ़ कर एक नृत्य, नाटक और हंसी मजाक की प्रस्तुती पर दर्षकों ने खुब तालियॉं बजाई।
      बुनियादी प्रशिक्षण संस्था की छात्राओं ने संसार की संरचना का जीवंत दृष्य प्रस्तुत किया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम की दर्शकों ने जमकर सराहना की। बीटीआई की छात्रा ज्योत्स्ना चैहान, किरण साहू और देवकुमारी ने आकर्षक वेशभूषा धारण करने के साथ उनकी प्रस्तुति भी समयबध्द ढंग से की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वप्ना, इलिरोज, सविता, अमीना तथा छोटे बच्चों की प्रस्तुति को भी दर्षकों ने खूब सराहा। 
    
होलीक्रॉस में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उपस्थित स्कूली बच्चे
इन कार्यक्रमों को प्रस्तुत करने के दौरान सभी मंत्रमुग्ध होकर प्रस्तुत करने वाले स्कूली बच्चों को एक टक निहार रहे थे। यहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी कराने में सिस्टर उषा किरण टोप्पो
, सि.रेशमा, सि.रूथ, सि.मर्सेला,सि.जसिंता, सि.दोरोथी, मिस प्रभा,,तथा संस्था की प्राचार्या सि.अर्पणा का सराहनीय योगदान रहा। होलीक्रास बुनियादी प्रषिक्षण संस्था की प्राचार्य सि.अर्पणा ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम को लेकर यहां जोरशोर की तैयारियां की गई है।  
                      शिक्षा में अनुशासन मूलमंत्र
    होलीक्रॉस संस्था में पिछले 40 वर्ष से सेवा देनी वाली सिस्टर मोनिका, सिस्टर रजीता तथा सिस्टर मनोरथा ने अपने सेवा कार्यो के अनुभव बांटते हुए बताया कि सेवा कार्यो के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति की जरूरत पड़ती है। इसके बाद जीवन की राह में कोई भी रूकावट नहीं आती है। सिस्टर मोनिका ने बताया कि उन्होंने चार दशक पहले होलीक्रास संस्था में घोलेंग हाई स्कूल में प्राचार्य के पद  पर रहते हुए अपने विद्यार्थियों को अनुशासन का पहला पाठ पढ़ाया था। शिक्षा के इस मूलमंत्र ने सैकड़ांे छात्र-छात्राओं को आज उच्च पदों पर पहुंचा दिया है। उन्होने बताया कि उनके विद्यार्थी आज अनुशासन के इसी मूल मंत्र से दूसरों का भविष्य सँवार रहे हैं। यहां पर राहा की निदेशक सिस्टर एलिजाबेथ ने बताया कि होलीक्रास संस्था व्दारा षिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरतंर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में पत्थलगांव का विकलांग सेवा केन्द्र में इस अंचल के सैकड़ों गरीब तबके के लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। 
                    संतों ने दिखाया सेवा का मार्ग
     होलीक्रॉस संस्था की प्रमुख सिस्टर अर्पणा बरूआ ने बताया कि वर्ष 2013 को विश्‍वास वर्ष घोषित किए जाने के बाद मदर मरिया टेरेसा की पुण्य तिथि पर ज्यादातर सांस्कृतिक कार्यक्रम परमेश्‍वर के प्रति विष्वास तथा होलीक्रॉस संस्था की संस्थापिका मदर मरिया टेरेसा के जीवन पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि हमारे संतों ने युग की मांग के अनुरूप सेवा के कार्यो को करने की शुरुआत की थी। गरीब और असहाय लोगों को स्वास्थ्य शिक्षा मुहैया कराने का यह क्रम निरंतर जारी रहेगा। सुश्री अर्पणा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा के साथ एड्स के रोगियों के लिए भी होलीक्रॉस संस्था ने मदद का काम शुरू किया है। इसके अलावा जेल में बन्द निर्दोष लोगों से भी मुलाकात कर उन्हें आध्यात्मिक राह से जीवन में  फिर से खुशियां भरने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि होलीक्रॉस संस्था के संतों व्दारा दिखाया गया सेवा का मार्ग पर सदैव चलने का संकंल्प को ही हम दोहराते हैं।


     
     

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