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बुधवार, 16 मई 2012

कश्‍मीरियों की पहली पसंद जशपुरी चिरोंजी

चिरोंजी की गुठली
चिरोंजी ने ग्रामीणो को बनाया मालामाल
 देश के महानगरों की मांग से कीमत बढ़ी
 पत्थलगांव/  रमेश शर्मा
   छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में इस वर्ष चिरोंजी वनोपज की बम्फर पैदावार के साथ स्थानीय खरीददारों व्दारा काफी उँची कीमत देकर खरीदी शुरू करने से यहंा के ग्रामीणों को अच्छी आमदनी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस फसल से मिलने वाली नगद आय से वे शादी व्याह के मौके पर दिल खोल कर खर्च कर पा रहे हैं। इस अचंल में गर्मी के मौसम कई बार रूक रूक कर हुई बे मौसम की बारिश भी चिरोंजी की फसल के लिए वरदान साबित हुई है।
             यहॉं के ज्यादातर ग्रामीण इन दिनो भोर की पौ फटते ही जगंल का रूख कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों उनका पूरा परिवार जगंल पहुंच कर वनोपज संग्रहण के काम में व्यस्त है। जगंलों में तेन्दू पत्ता संग्रहण के साथ ग्रामीणों को चिरोंजी वनोपज से अच्छी खासी आमदनी हो रही है। छत्तीसगढ़ की सूखी मेवा के नाम से देश के महानगरों में बिकने वाली चिरोंजी वनोपज की इस बार यहॉं आवक से मांग अधिक है। यहॉं पर बाहर के व्यापारियों से चिरोंजी की मांग बढ़ जाने से स्थानीय खरीददार ग्रामीणों से पांच सौ रू. प्रति किलो की दर पर खरीदी करने लगे है। ग्रामीणों ने बताया कि चिरोंजी वनोपज की यह किमत पहली बार देखने को मिल रही है।
चिरोंजी
           चिरोंजी के अनुपात में गुठली की खरीदी
  वनोपज चिरोंजी के स्थानीय खरीददारों व्दारा सग्रंहणकत्र्ताओं से सीधे चिरोंजी की गुठली खरीद लेने की वजह से अब ग्रामीणों को चिरोंजी गुठली सूखाकर उसका दाना निकालने का झंझट से भी छुटकारा मिल गया है।बताया जाता है कि यहॉं पर चिरोंजी दाने का भाव इन दिनो 500 रू. प्रति किलों पहुंच गया है।यहॉं पर चिरोंजी व्यवसायी विजय श्री अग्रवाल ने बताया कि चिरोंजी गुठली में 20 प्रतिशत दाना निकलता है। इसी अनुपात पर गुठली के दाम 100 रू.प्रति किलो कर दिए गए हैं। उन्होने बताया कि इससे पहले चिरोंजी दाना महज 150 से 200 रू.प्रति किलो की दर पर खरीदा जाता था। उस समय चिरोंजी दाना सग्रंहणक व्दारा ही निकालना पड़ता था। इस काम में ग्रामीणों को अच्छी खासी मेहनत करनी पड़ती थी। पर अब जगह जगह चिरोंजी गुठली से दाना निकालने के आटोमैटिक प्लांट लग जाने से अच्छी क्वालिटी का माल तैयार होने लगा है।
चिरोंजी का फूल
कश्‍मीरियों की मांग से बढ़ी कीमत
  जशपुर जिले में अच्छी किस्म की चिरोंजी फसल देश के महानगरों में पहंुचने के बाद अन्य जगह की फसल के मुकाबले में 25 रुपए अधिक दर पर हाथों हाथ खरीद ली जाती है। इस वर्ष जशपुर जिले की चिरोंजी खरीदने के लिए उत्तर प्रदेश,और दिल्ली के अलावा श्रीनगर कष्मीर के बड़े व्यवसायियों ने भी यहॉं से माल के अगाउ सौदे कर लिए हैं। इसी वजह यहंा चिरोंजी के दाम में लगातार तेजी का रूख बन गया है। यहॉं के व्यापारियों का कहना है कि अभी चिरोंजी के दाम में 100 से 150 रू. और तेजी की सम्भावना है। छत्तीसगढ़ की सूखी मेवा के लिए बाहर के व्यापारियों की मांग बढ़ने का स्थानीय ग्रामीणों को अच्छा लाभ मिल रहा है।
रमेश शर्मा



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