कुल पेज दृश्य

सियासत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सियासत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 1 अप्रैल 2014

कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी बदले जाने से नाराजगी

विष्णुदेव साय
  श्रीमती आरती सिंह
 साय चौथी बार मैदान में
पत्थलगांव/ रमेश शर्मा
           रायगढ़ की आदिवासी सुरक्षित संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय से मुकाबला करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने इस बार फिर नए चेहरे के रूप में जशपुर जिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती आरती सिंह पर दांव लगाया है। लेकिन रायगढ़ संसदीय सीट पर लगातार तीन जीत दर्ज करा कर चौथी बार चुनाव मैदान में उतरे भाजपा के दिग्गज नेता विष्णुदेव साय के मुकाबले को कांग्रेस के ही दिग्गज नेता इस बार  बेहद कमजोर मुकाबला मान कर यहां चुनाव में अधिक मेहनत करने की बात कर रहे हैं।
     रायगढ़ संसदीय सीट पर वर्ष 1998 में कांग्रेस की टिकट पर अजीत जोगी ने भाजपा के दिग्गज नेता नंदकुमार साय को पराजित करके यहां अपनी जीत दर्ज कराई थी। इसके बाद यहां भाजपा के मौजूदा सांसद विष्णुदेव साय से कांग्रेस को लगातार तीन बार पराजय का सामना करना पडा़ है।
     रायगढ़ संसदीय सीट पर वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के विष्णुदेव साय ने कांग्रेस की पूर्व सांसद सुश्री पुष्पादेवी सिंह को पराजित करने के बाद इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। श्री साय ने वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पूर्व मंत्री रामपुकार सिंह को लगभग एक लाख बोट से पराजित किया था। इसके बाद वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पुनः उम्मीदवार बदल कर अपने युवा विधायक हृदयराम राठिया को चुनाव मैदान में उतारा था।लेकिन श्री राठिया कड़ी मेहनत के बाद भी भाजपा उम्मीदवार विष्णुदेव साय को रायगढ़ संसदीय सीट पर जीत की हेट्रिक बनाने से नहीं रोक पाए।
   इस  बार यहां कांग्रेस पार्टी ने सारंगढ़ रियासत के राजा एवं अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजा नरेशचन्द्र की बेटी डा.मेनका सिंह को टिकट दी थी। इस उम्मीदवार ने यहां पर जब तक अपना प्रचार अभियान शुरू किया उससे पहले अचानक कांग्रेस पार्टी ने डा.मेनका सिंह की टिकट काटकर जशपुर जिले से जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व मंत्री रामपुकार सिंह की बेटी श्रीमती आरती सिंह को नया उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर दी थी।
   महज एक सप्ताह के भीतर कांग्रेस पार्टी में इस बदलाव के बाद यहां भी पार्टी कार्यकर्त्ताओं ने विरोध का स्वर तेज कर दिया था। लेकिन कांग्रेस पार्टी रायगढ़ संसदीय सीट पर अपने बदले गए फैसले पर आज भी अडिग है। यहां पर ज्यादातर कांग्रेस नेता ही श्रीमती आरती सिंह को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय से चुनावी मुकाबला में बेहद कमजोर उम्मीदवार मान रहे हैं। छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंह देव का कहना था कि रायगढ़ संसदीय सीट पर कांग्रेस हाईकमान व्दारा अचानक उम्मीदवार बदले जाने से वे भी हतप्रभ हैं। उन्होने कहा कि इसके पहले डा.मेनका सिंह को पार्टी उम्मीदवार बनाने के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने ही दिल्ली हाईकमान के समा प्रस्ताव दिया था। लेकिन अचानक डा.मेनका सिंह की टिकट काट देने से यहां कांग्रेस को अधिक मेहनत करने की जरूरत बन गई है।
   जशपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष का पद सम्हालने से पहले श्रीमती आरती सिंह ने वर्ष 2009 में पत्थलगांव नगर पंचायत का चुनाव लड़ा था। इसमें वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार से बुरी तरह चुनाव हार गई थी। श्रीमती सिंह के नेतृत्व में इस बार वर्ष 2013 के विधानसभा के चुनाव में जशपुर जिले की तीनो विधानसभा में कांग्रेस पार्टी की पराजय हो जाने से यहां कांग्रेस के नेता उन्हे लोकसभा  चुनाव में काफी कमजोर उम्मीदवार मान रहे हैं।
       भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय रायगढ़ संसदीय सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीतने के बाद यहां चौथी बार लोकसभा चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
  इस बार लोकसभा चुनाव में पूरे देश में नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की चर्चा को लेकर विष्णुदेव साय अपनी जीत के प्रति काफी आश्वस्त नजर आ रहे हैं। जशपुर और रायगढ़ जिले की कुल आठ विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी का छैः सीटो पर कब्जा है। विधानसभा के चुनाव में इस लोकसभा क्षेत्र में भाजपा 65 हजार मतों से कांग्रेस पार्टी से आगे थी। ऐसे हालात में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी को बहुत अधिक मेहनत करने की जरूरत है।
     रायगढ़ लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार तथा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय का कहना है कि इस बार देश में केन्द्रीय नेतृत्व को परिवर्तन की लहर चल रही है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह के विकास कार्यो की वजह से उन्हे अपनी जीत का पूरा भरोसा है। श्री साय ने कहा कि रेल सुविधा से वंचित जशपुर जिले में कोरबा से लोहरदगा रेल लाइन का विस्तार को भी वे अपना चुनावी मुददा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले में रेल सेवाओं का विस्तार तथा किसानों के लिए सिंचाई योजनाओं को बढ़ावा देने से उन्हे मतदाताओं का अच्छा समर्थन मिलने की उम्मीद है।
      इधर कांग्रेस उम्मीदवार श्रीमती आरती सिंह को अचानक रायगढ़ संसदीय सीट की टिकट मिल जाने के बाद वे अपने कार्यकर्त्ताओं को ही एकजुट करने में व्यस्त हो गई हैं। श्रीमती सिंह का कहना है कि रायगढ़ और जशपुर जिले में महिला मतदाताओं का समर्थन के अलावा युवा वर्ग से उन्हे अपनी पक्की जीत की उम्मीद है। जशपुर जिले में बेराजगारी की समस्या के चलते यहां मानव तस्करी की बात को उन्होने अपना प्रमुख चुनावी मुददा बनाया है। श्रीमती आरती सिंह का कहना है कि जशपुर जिले में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर वे यहां बेरोजगारी की समस्या को दूर कर लेंगी। उन्होने बताया कि इन मुददों पर उनहे अपनी जीत का पूरा भरोसा है। जशपुर और रायगढ़ जिले दोनो प्रमुख राजनैतिक दल का चुनाव प्रचार का काम अभी तक जोर नहीं पकड़ पाने से यहां सब कुछ सुना सुना दिख रहा है।
      रायगढ़ संसदीय सीट पर भाग्य अजमाने के लिए उतरे कांग्रेस और भरतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार जशपुर जिले के ही निवासी हैं। इसके बाद भी यहां चुनाव प्रचार की गहमागहमी दिखाई नहीं दे रही है। रायगढ़ संसदीय क्षेत्र के मतदाता इस बात पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं कि लोकसभा चुनाव का 24 अप्रेल को मतदान होना है,इसके लिए अब महज तीन सप्ताह का ही समय बचा होने के बाद भी यहां किसी भी राजनैतिक दल के उम्मीदवार ने अपना प्रचार प्रसार के लिए एक भी झंडा और पोस्टर नहीं लगाया है। 
       दोनो प्रमुख राजनैतिक दल कांग्रेस और भाजपा की ओर से चुनाव प्रचार प्रसार में रूचि नहीं दिखाने से इस बार मतदान प्रतिशत में कमी आने की बात कही जा रही है। पाकरगांव के सरपंच नेहरू लकड़ा का कहना था कि वे लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने का प्रयास तो कर रहे हैं, लेकिन राजनैतिक दल के नेताओं का गांवों में कहीं भी जनसम्पर्क शुरू नहीं हो पाया है। उन्होने कहा कि इस बार रजनैतिक दल के नेताओं की चुनाव को लेकर उदासिनता और मतदान तिथि तक गर्मी का प्रकोप बढ़ जाने से यहां मतदान का प्रतिशत पर विपरित असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है।

 

                       :

सोमवार, 31 मार्च 2014

कांग्रेस के साथ भाजपा का चुनाव प्रचार फीका

विष्णुदेव साय भाजपा उम्मीदवार
श्रीमती आरती सिंह कांग्रेस उम्मीदवार
     भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष 
         विष्णुदेव साय चुनाव मैदान में
पत्थलगांव/ रमेश शर्मा
           पूरे देश में भले ही लोकसभा चुनाव की चर्चा जोर-शोर से हो रही हो, लेकिन पत्थलगांव में किसी भी राजनीति दल ने अपना चुनाव प्रचार-प्रसार के लिए पार्टी का झंडा, बैनर, पोस्टर तक नहीं लगाया है। रायगढ़ संसदीय सीट पर भाग्य आजमाने वाली कांग्रेस प्रत्याशाी श्रीमती आरती सिंह स्थानीय होने के बाद भी यहां पर उनका चुनाव कार्यालय का अता पता नहीं है। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा नेताओं की चुनाव प्रचार में उदासिनता से इस बार मतदान का प्रतिशत कम होने की बात कही जा रही है।
        रायगढ़ संसदीय सीट पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय व्दारा भाग्य अजमाने के बाद भी उनकी पार्टी के ज्यादातर नेता अभी तक घरों में ही बैठे हुए हैं। भाजपा नेताओं की लम्बी फौज के बाद भी यहां अभी तक उन्होंने अपने चुनाव प्रचार का श्री गणेश नहीं किया है। दोनो प्रमुख राजनैतिक दल कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार का कहीं भी माहौल नहीं बन पाने से दोनो राजनैतिक दल के कार्यकर्त्ता भी मायूस होकर इधर उधर घूम रहे हैं।
         जषपुर जिले से भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याषी 
     रायगढ़ संसदीय सीट पर भाग्य अजमाने के लिए उतरे कांग्रेस और भरतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार जशपुर जिले के ही निवासी हैं। इसके बाद भी यहां चुनाव प्रचार की गहमागहमी दिखाई नहीं दे रही है। शहर के लोग इस बात पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं कि लोकसभा चुनाव का मतदान को अब महज 20-25 दिन का समय बचा होने के बाद भी यहां किसी भी राजनैतिक दल के उम्मीदवार ने अपना प्रचार प्रसार के लिए एक भी झंडा और पोस्टर नहीं लगाया है। 
                                               रामपुकार ने भी नहीं किया गांवों का रुख
     सबसे दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस उम्मीदवार श्रीमती आरती सिंह के पिता रामपुकार सिंह यहां कांग्रेस टिकट से विधानसभा का चुनाव हार जाने के बाद वे पहले की तरह मुखर नहीं रह गए हैं। श्री सिंह अपने समर्थकों से मोबाइल फोन से ही दिशा निर्देश दे रहे हैं। इसके पहले वे किसी भी चुनाव में प्रातः 7 बजे से गांव की गलियों में घूमना शुरू कर देते थे। इस बार उन्होंने अभी तक अपने विश्वसनीय लोगों की टीम के साथ चुनाव प्रचार के लिए गांवों का रूख नहीं किया है। गांव से आने वाले कांग्रेस कार्यकर्त्ता रामपुकार सिंह के निवास पहुंच कर मायुसी के साथ वापस लौट जा रहे हैं। कांग्रेस उम्मीदवार श्रीमती आरती सिंह भी अपने चुनाव का कठिन मुकाबला के दौरान घर में बैठ कर ही मोबाईल फोन से कार्यकर्त्ताओं को निर्देश दे रही हैं। यहां कांग्रेस नेताओं ने पिछले दिनों अपनी एकजुटता का संकल्प लेकर पार्टी के उम्मीदवार के लिए घर घर पहुंचकर मतदाताओं से सम्पर्क करने की बात कही थी। पर एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी ज्यादातर कांग्रेसी नेता अपने व्यवसाय में व्यस्त हैं। कांग्रेस के नेता विजय शर्मा का कहना था कि कांग्रेस उम्मीदवार आरती सिंह चुनाव मैनेजमेंट में बेहद कमजोर साबित हो रही हैं। इसी वजह लोकसभा का चुनाव फीका फीका दिख रहा है। उन्होने कहा कि जशपुर जिले में युवक कांग्रेस, महिला कांग्रेस ,किसान कांग्रेस तथा अन्य प्रकोष्ठ सहित पार्टी के जुझारू कार्यकर्त्ताओं ने अभी तक चुनाव की रणनीति पर काम करना शुरू नहीं किया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि रायगढ़ संसदीय सीट पर पार्टी के हाईकमान ने उम्मीदवार बदल कर काफी बड़ी भूल की है। कांग्रेस के नेता वामदेव पाण्डेय ने कहा कि डा.मेनका सिंह यहां पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को कड़ी टक्कर देने के साथ चुनाव जीतने की स्थिति में आ गई थी।
                                                              कम मतदान का डर
       दोनो प्रमुख राजनैतिक दल कांग्रेस और भाजपा की ओर से चुनाव प्रचार प्रसार में रूचि नहीं दिखाने से इस बार मतदान प्रतिशत में कमी आने की बात कही जा रही है। पाकरगांव के सरपंच नेहरू लकड़ा का कहना था कि वे लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने का प्रयास तो कर रहे हैं, लेकिन राजनैतिक दल के नेताओं का गांवों में कहीं भी जनसम्पर्क शुरू नहीं हो पाया है। उन्होने कहा कि इस बार रजनैतिक दल के नेताओं की चुनाव को लेकर उदासिनता और मतदान तिथि तक गर्मी का प्रकोप बढ़ जाने से यहां मतदान का प्रतिशत पर विपरित असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है।

 ़
     

बुधवार, 23 अक्टूबर 2013

नक्सली समस्या दूर रखने सुदृढ़ नेतृत्व की जरूरत


गणेश राम भगत के समर्थकों की बगीचा में विशाल रैली
  गणेशराम के समर्थन में विशाल रैली व जनसभा

पार्टी गुटबाजी पर ग्रामीणों का विरोध तेज

  पत्थलगॉंव/

       छत्तीसगढ़ का जशपुर जिले में भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा की टिकट वितरण करने में नेताओं की गुटबाजी को महत्व दे देने से यहाँ की सुदृढ़ता पर अब सवालिया निशान लग गया है।जशपुर जिले के अलावा सरगुजा और रायगढ़ जिले में ग्रामीणों के बीच खासे लोकप्रिय रहने वाले जुझारू आदिवासी नेता गणेश राम भगत को इस बार पार्टी नेताओं की आपसी गुटबाजी के चलते विधानसभा चुनाव में टिकिट से वंचित रख दिया है। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की सरकार में पूर्व अजाक मंत्री गणेश राम भगत को भारतीय जनता पार्टी ने जशपुर विधानसभा से टिकिट नहीं दिए जाने पर यहाँ जशपुर,बगीचा पंड्रापाठ क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों ने रैली निकाल कर विरोध का स्वर तेज कर दिया है।

   दूर दराज के गांवों से पैदल चल कर ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंच कर पार्टी के नेताओं के सामने अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। गणेश राम भगत के समर्थकों का कहना था कि भारतीय जनता पार्टी को अपने नेताओं की गुटबाजी के चलते हजारों लोगों को नक्सली समस्या से सुरक्षित रखने वाले जनप्रतिनिधि को अनदेखा नहीं करना चाहिए। 23 अक्टूबर को गणेश राम भगत के समर्थन में रैली निकालने आए ग्रामीणों ने भाजपा के इस निर्णय को जनभावनाओं से अलग निर्णय करार देते हुए इस पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है।

   बगीचा मुख्यालय में दोपहर 1 बजे झमाझम बारिश के बाद भी दूर दराज के गांवों से पैदल चल कर आए हजारों ग्रामीणों ने भारतीय जनता पार्टी के इस निर्णय को अनुचित करार दिया है। बगीचा के बस स्टैण्ड पर एकत्रित इस भीड़ ने विशाल रैली निकाल कर जमकर विरोध प्रदर्षन किया। रैली में नक्सली समस्या से सुरक्षा दो,गणेश राम संघर्ष करो, गणेश राम नामांकन भरो, जैसे जोषीले नारे लगाए जा रहे थे। इस रैली में ग्रामीणों का गुस्सा स्पष्ट दिखाई पड़ रहा था। भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा तथा बगीचा जनपद के पूर्व अध्यक्ष नेयुराम भगत इस रैली का नेतृत्व कर रहे थे। इस रैली में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह के इस निर्णय को पूरी तरह बेतुका निर्णय करार दिया। बगीचा में हाई स्कूल चौक तक भ्रमण करने के बाद एक जनसभा का भी आयोजन किया गया।

     जनसभा में पूर्व जनपद सदस्य मुलासो बाई ने तीखे तेवर दिखाते हुए गणेश राम भगत को ग्रामीणों का सबसे बड़ा हितैषी बताया। मुलासो बाई का कहना था साल के 365 दिन गरीबों के बीच में रहने वाले इस जनप्रतिनिधि को पार्टी भले अनदेखा कर सकती है पर पूरे अंचल का गरीब तबका उनके साथ में डटा रहेगा। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष केशव यादव का कहना था कि गणेश राम भगत ने प्रदेश का सरहदी जिला में नक्सली तथा अन्य बदमाशों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए इस अचंल के ग्राम वासियों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई है। इसी की बदौलत यहाँ व्यावसायी और आम जनता सुकून के साथ रह रही है।

    पूर्व जनपद अध्यक्ष नेयु राम भगत ने कहा कि इस अंचल के लोगों को गुटबाजी में उलझने वाले के बजाए सुदृढ़ नेतृत्व देने वाले गणेश राम भगत की जरूरत है।उन्होने कहा कि इस अचंल के लोग अपनी भलाई बुराई को भलि भांति समझ रहे हैं। पार्टी की अनदेखी के बाद भी वे अपने नेता को अलग थलग नहीं रहने देंगे। जनसभा में सभी ने एक स्वर में गणेश राम भगत को चुनाव में जिताने का संकल्प दोहराया। बगीचा की रैली में सरहदी क्षेत्र के कोने कोने से ग्रामीण स्वतः पहुंचे थे। यहाँ पर दनगरी,रोकड़ापाठ,सुलेशा, महनई आदि बीहड़ अचंल से आने वाले लोगों का कहना था कि इस जिले में नक्सली समस्या को दूर रखना है तो सुदृढ़ नेतृत्व के बगैर यह काम सम्भव नहीं है। दनगरी से यहाँ पहुंचे जुगनु यादव का कहना था कि इस अचंल के लोगों अब थोपा हुआ उम्मीदवार नहीं चाहिए। जुगनू राम का कहना था कि जमीन से जुड़े लोगों के दुख सुख में सदैव शामिल रहने वाले जनप्रतिनिधि को ही वे अपना नेता चुनना पंसद करेंगे।

सोमवार, 9 सितंबर 2013

महिला उम्मीदवारों को विधानसभा चुनाव में मिले टिकिट


अंजू टोप्‍पो
हेमवती भगत
भाजपा उठाए माहौल का लाभ
पत्थलगांव/ रमेश शर्मा
   महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार की विफलता का लाभ उठाने के लिए भारतीय जनता पार्टी को विधानसभा के चुनाव में अधिक से अधिक संख्या में महिलाओं को टिकिट देकर पार्टी के पक्ष में इस सकारात्मक माहौल का लाभ उठाना चाहिए।
  चुनाव में महिलाओं की आधी आबादी के मददेनजर पत्थलगांव विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी की टिकिट के लिए इस बार महिलाओं ने भी अपना दावा करने का मन बना लिया है। भाजपा मंडल की उपाध्यक्ष एवं महिला मोर्चा की प्रमुख नेता श्रीमती रमावती जायसवाल का कहना है कि यहां विधानसभा के चुनाव में भाजपा की हार का सिलसिला पर विराम लगाने के लिए पार्टी को महिला उम्मीदवार को चुनाव का टिकिट दे देना चाहिए।
   श्रीमती जायसवाल ने कहा कि पूरी दुनिया महिलाओं की ताकत को लोहा मान चुकी है। इसलिए पत्थलगांव विधानसभा का अभेद गढ़ को भेदने के लिए भारतीय जनता पार्टी को महिला उम्मीदवार को टिकिट देने की पहल करनी चाहिए। उन्होने कहा कि यहां भाजपा धर्म वाहिनी की संयोजिका अंजू टोप्पो के अलावा कोतबा नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती हेमवती भगत ने पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई है। भाजपा की महिला नेत्रियों को आगे लाने से पूरे जिले की महिलाओं में अच्छा सन्देश जाएगा।
  यहां की जिला जनपद सदस्य मीना चैहान ने भी इस बार विधानसभा के चुनाव में भाजपा व्दारा महिला उम्मीदवार को टिकिट देने की बात पर जोर दिया है। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह की सरकार ने महिलाओं को आगे लाने के लिए अनेक योजनाओं का संचालन किया है। इसी के तहत नवीन राशन कार्ड की योजना में महिलाओं को प्रमुखता दे कर उन्ही के नाम से राशन कार्ड जारी करने का सराहनीय निर्णय लिया है।
           भाजपा के प़क्ष में सकारात्मक माहौल
  जिला पंचायत सदस्य मीना चैहान का कहना था कि कांग्रेस का संगठनात्मक ढंाचा भले ही मजबूत हो पर बेतहाशा बढ़ रही महंगाई के चलते उसके प़क्ष में माहौल नहीं है। डीजल,पेट्रोल,घरेलू गैस, साग सब्जी तथा अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं में लगातार बढ़ रही मंहगाई के मामले में कांग्रेस नेताओं के पास कोई भी जवाब नहीं है।भाजपा नेत्री का कहना था कि यहां ग्रामीण और शहरी अचंल में भी इस समय भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में सकारात्मक माहौल बना है। इसके लिए पत्थलगांव विधानसभा से पार्टी की जुझारू एवं जिला धर्म वाहिनी की संयोजिका अंजू टोप्पो को टिकिट देना चाहिए। यहां भाजपा की महिला नेत्रियों का कहना था कि मंहगाई का मुददा को लेकर पूरे देश की महिलाओं में कांग्रेस पार्टी के विरोध में गुस्सा व्याप्त है। कांग्रेस की इस विफलता का लाभ उठाने के लिए भारतीय जनता पार्टी को अधिक से अधिक संख्या में महिला उम्मीदवारों को विधानसभा की टिकिट देनी चाहिए। इससे भाजपा के प़क्ष में सकारात्मक माहौल का पूरा लाभ उठाया जा सकता है। पार्टी के दिग्गज नेताओं को इस माहौल का लाभ उठाने में पीछे नहीं रहना चाहिए। यहां भाजपा नेत्री रेणु विष्वास और पूर्व पार्षद फुलो पन्ना ने भी अंजू टोप्पो को विधानसभा चुनाव के लिए काफी सशक्त उम्मीदवार बताया है। भाजपा की महिला नेताओं का कहना था कि पार्टी के लोग यहां एक जुट होकर चुनाव में अपना सहयोग देते हैं तो पत्थलगांव विधानसभा सीट पर पार्टी की हार का सिलसिला पर आसानी से विराम लगाया जा सकता है।